-अमरपाल नूरपूरी
क्रिकेट जगत के श्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट को अचानक अलविदा कहने से संपूर्ण क्रिकेट जगत के खेल प्रेमियों में जैसे मातम छा गया है। उन्हें इस बात का मलाल है कि भविष्य में किंग कोहली की टेस्ट क्रिकेट में कलात्मक बैटिंग और आक्रामक रवैया देखने को नहीं मिलेगा।
सन 2011 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करिअर की शुरूआत करने वाले इस युवा खिलाड़ी विराट कोहली के बारे में किसी ने सोचा नहीं था कि एक दिन विश्व क्रिकेट में इस बल्लेबाज के नाम का डंका बजेगा। 123 टेस्ट मैचों की 210 पारियों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाने वाले इस शेरदिल खिलाड़ी से क्रिकेट प्रेमियों ने बहुत उम्मीदें लगा रखी थीं। उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में विराट कोहली अभी क्रिकेट के कई रिकार्ड तोड़ेगा और अपनी बादशाहत कायम रखेगा, पर उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका।
इस दिग्गज क्रिकेटर ने 14 साल के करिअर में अपनी उम्दा और आक्रामक बैटिंग से सबका दिल जीता और नए खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल कायम की। आशा है कि युवा खिलाड़ी भी विराट कोहली की इस विरासत को कायम रखेंगे।

