-अमरपाल नूरपुरी
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सदस्य और मध्यक्रम के शानदार बल्लेबाज यशपाल शर्मा का आज दिल्ली में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे और हाल ही में एक टीवी न्यूज़ चैनल के प्रोग्राम में उन्होंने 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के साथ शिरकत की थी और अपने अनुभव सांझा किए थे।
लुधियाना ,पंजाब के रहने वाले प्रतिभावान खिलाड़ी यशपाल शर्मा का जन्म 11 अगस्त 1954 को हुआ था। छोटी उम्र से ही क्रिकेट में उनकी दिलचस्पी थी जो धीरे-धीरे जुनून में बदल गई। 19 वर्ष की आयु में वह रणजी ट्रॉफी, पंजाब की टीम से खेलने लगे। उनकी उम्दा बल्लेबाजी और प्रतिभा को देखते हुए 1978 में उन्हें पाकिस्तान जाने वाली भारतीय वनडे क्रिकेट टीम में चुन लिया गया।यशपाल शर्मा ने चयनकर्ताओं को निराश नहीं किया और पाकिस्तान के विरुद्ध अच्छा प्रदर्शन करते हुए सबका दिल जीत लिया।

फलस्वरुप 1979 में यशपाल शर्मा को इंग्लैंड जाने वाली भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में शामिल होने का अवसर मिला। यहां भी उन्होंने अपनी मजबूत डिफेंस एवं कलात्मक बल्लेबाजी से टीम को संकट से उबारा और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहे। यशपाल के प्रदर्शन को देखते हुए सेलेक्टर्स ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और 1983 विश्व कप क्रिकेट टीम में शामिल होने का मौका दिया ,जो किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात थी। विश्व कप में इस दायें हाथ के जुझारू बल्लेबाज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रथम मैच में 89 रन की जोरदार पारी खेली और सेमीफाइनल मैच में 61 रन बनाकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय क्रिकेट टीम ने फाइनल मुक़ाबले में वेस्टइंडीज की बेहद मजबूत टीम को धूल चटा कर कप्तान कपिल देव की अगुवाई में विश्व कप विजेता का खिताब पहली बार हासिल किया और भारत का तिरंगा लहराया। मधुर स्वभाव के यशपाल शर्मा 1978 से 1985 तक भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने कुल 37 टेस्ट मैच खेले जिनमें 1606 रन बनाए, जिनमें 2 शतक भी शामिल थे । उनका अधिकतम स्कोर 140 रन था।
वनडे क्रिकेट में यशपाल शर्मा ने कुल 42 मैच खेलकर 883 रन बनाए, जिनमें 4 अर्धशतक शामिल थे और उनका उच्चतम स्कोर 89 रन था। यशपाल शर्मा के नाम एक रिकॉर्ड यह भी है कि वह अपने क्रिकेट जीवन में कभी शून्य पर आउट नहीं हुए। उनका डिफेंस जितना मजबूत था, अटैक भी उतना ही शक्तिशाली था। लंबे छक्के लगाने के लिए वह मशहूर थे। उम्दा बल्लेबाज के अलावा यशपाल शर्मा बेहतरीन फील्डर भी थे। कवर्स के क्षेत्र में उनका क्षेत्ररक्षण देखने लायक होता था। यशपाल शर्मा भारत के लोकप्रिय क्रिकेटर थे और क्रिकेट जगत में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।


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